बिग डिक ऐस्स फक स्टोरी में मेरे डांस पार्टनर ने मुझे अपना बड़ा लंड दिखाकर मेरी चूत मारने का प्लान बनाया. लेकिन मेरी गांड कुंवारी थी, उसे पता लगा तो उसने मेरी गांड फाड़ दी.
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फ्रेंड्स, मैं जाह्नवी मिश्रा आपको अपनी सेक्स कहानी के अगले भाग में एक बार फिर से स्वागत करती हूँ.
कहानी के पहले भाग
डांस-पार्टनर ने पार्टी में प्रोपोज किया
में अब तक आपने पढ़ा था कि राहुल जिसे मैं अपने भाई के जैसा समझती थी, वह मुझे चोदने के लिए नंगा हो गया था और उसका आठ इंच का मूसल लंड देख कर मेरी जान हलक में आने को थी.
अब आगे बिग डिक ऐस्स फक स्टोरी:
फिर उसने ऊपर से मेरी हेयर स्टाइल को देखा और बालों में हाथ फेरते हुए मेरी कातिल आंखों में लगा काजल चूमने लगा.
उस दौरान उसका मूसल मेरी चुत को रगड़ कर डरा रहा था.
आंखों से नीचे मेरे मुलायम रसीले होंठों पर लगी लाल लिपस्टिक को चाटने लगा.
फिर पतली गर्दन पर अपने होंठ फिराते हुए नीचे मध्यम आकार के गोल गोल सेवफल जैसे सख्त चूचों को अपने होंठों से रगड़ने लगा.
उसे मैं बिल्कुल रशियन जैसा देशी माल लग रही थी.
मेरी पतली कमर और नीचे गुलाबी चूत, पतली पतली टांगें उसकी कामुक नजरों से खाई जा रही थीं.
मैं शर्म के कारण अपने हाथ से मुँह छिपा कर खड़ी थी.
तभी वह नीचे बैठ गया और मेरे दोनों पैरों के बीच बैठ कर चूत को जीभ से कुरेदने लगा.
मैं भी गनगना उठी और उसके बालों को अपने हाथ से पकड़ कर उसका मुँह अपनी चूत में घुसवाने लगी.
उसी वक्त रूम के गेट पर किसी ने नॉक किया, तो राहुल बोला- आ जाओ अन्दर!
मैं डर गई और रूम में लगे पर्दे के पीछे छिपने लगी.
राहुल ने मेरे हाथ को पकड़ कर खींच लिया.
तभी एक लड़के जैसा उसका नौकर अपने हाथ में कुछ चिप्स नमकीन व कुछ दवाई आदि लेकर नीची गर्दन किए हुए अन्दर आया और वह सारा सामान बेड पर रख कर वापिस चला गया.
मैं उससे बोली- तुमको शर्म नहीं लगती?
वह बोला- कैसी शर्म? मैं तो अकसर रंडियां लाता हूँ और इसी रूम में चोदता हूं.
मैं बोली- अच्छा. तो तुम्हारी मासूम शक्ल के पीछे इतने राज छुपे हैं!
वह हंस कर बोला- क्यों इसमें गलत क्या है?
मैं बोली- तो मैं भी रंडी ही हूँ तेरे लिए क्या?
उसने मेरी चूत के दाने को अपने दांतों से चुभलाते हुए कहा- नहीं यार, तू तो मेरा सच्चा प्यार है. तुम पत्नी बन जाओ … उसके बाद कोई भी रंडी नहीं आएगी यहां!
मैं कुछ नहीं बोली.
वह मेरी चूत को चाटने लगा.
कुछ ही देर में मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.
वह पूरा पानी पी गया.
मैं अब दोनों टांगों को जोड़ कर खड़ी थी.
वह दोनों जांघों को जोर से पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खींच रहा था और मेरी चूत में अपने मुँह से बार बार जोर जोर से किस कर रहा था.
उसके जोर से जांघों को पकड़ने से मेरी जांघों पर उसकी उंगलियों के निशान बन गए थे, एकदम लाल लाल निशान दिखने लगे थे.
अब वह बिस्तर पर लेट गया और अपना लंड चूसने को बोला.
मैं बिस्तर पर उसकी टांगों के बीच बैठ कर लंड चूसने लगी.
मैं लंड बहुत अच्छा चूसती हूं, तो उसको बहुत अच्छा लगा.
उसने जल्दी ही मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ दिया.
मैं भी उसके लौड़े का पानी पी गई.
अब हम दोनों ठंडे हो गए थे तो उसने मुझे बिठाया और पैग बना कर पीने लगा.
मैं भी एक पैग से सिप लेने लगी.
हम दोनों शराब के साथ में नमकीन चिप्स भी खाने लगे.
वह सिगरेट सुलगाता हुआ बोला- तेरी गांड खुली है या पैक है?
मैं मस्ती से बोली- पैक है. क्यों खोलेगा क्या?
वह बोला- हां मूड तो है!
मैं कुछ नहीं बोली.
अब उसने मुझे उल्टा लिटा दिया और गांड को चाटने लगा.
उसने बहुत सारा तेल मेरी गांड में भर दिया.
मैं बोली- रहने दे यार … पीछे नहीं पेल!
वह बोला- क्यों?
मैंने कहा- यार उधर दर्द होगा.
मैंने उसको बहुत मना किया, पर उसने मेरी एक नहीं सुनी.
कुछ देर बाद उसने मेरी चूत के नीचे दो तकिया लगा दिए, जिससे गांड उभर कर ऊपर की तरफ आ गई.
अब वह अपने लंड को मेरी गांड पर सैट करने लगा.
मैंने ब्लू-फिल्मों में गांड चुदाई देखी थी तो समझती थी कि गांड को ढीला छोड़ना चाहिए तभी सही से गांड चुदाई हो सकती है.
उसने लंड मेरी गांड में लगाया तो मैंने पूरी हिम्मत करके छेद को ढीला छोड़ दिया.
उसका सुपारा मेरी गांड के पहले छल्ले में फंस गया.
मैं कुछ आवाज निकालती कि तभी उसने अपने एक हाथ मेरे मुँह को जोर से पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मेरी पीठ पर जोर लगाया ताकि मैं उठ ना सकूं.
फिर उसने एक करारा झटका देते हुए अपना पूरा 8 इंच लंबा लंड मेरी गांड में उतार दिया.
मैं दर्द के मारे अपने हाथ पैर फटकने लगी, पर उसकी ताकत के आगे मेरी कहां कुछ चलने वाली थी.
लगभग डेढ़ मिनट तक वह ऐसे ही मेरी गांड में अपना मूसल लंड डाल कर मेरे ऊपर लेटा रहा.
मैंने दर्द के चलते उसके हाथ को दांत से काट दिया और बोली- साले कुत्ते मादरचोद छोड़ दे बहन के लौड़े … कोई ऐसे बेरहमी से चोदता है क्या?
वह हंस कर बोला- बस मेरी छिनरो, थोड़ी देर और झेल ले फिर आराम पड़ जाएगा.
यह कह कर वह धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा और मेरी गांड में अपने लंड के लिए जगह बनाने लगा.
फिर मुझे भी दर्द में आराम हुआ, तो मैं बिग डिक ऐस्स फक में उसका साथ देने लगी.
उसने मेरे बालों को लगाम की तरह हाथ में पकड़ लिया और घोड़ी समझ कर जोर जोर झटकों के साथ मेरी गांड चोदने लगा.
इसी के साथ वह मेरी गांड पर जोर जोर से थप्पड़ भी मारने लगा.
मेरी तो हालत खराब होने लगी, मैं उससे रहम की भीख मांगने लगी … पर वह कुत्ता तो अपनी धुन में मस्त था.
कुछ देर तक झटके देने के बाद उसने फिर से मेरी गांड पर जोर दिया, तो मैं लेट गई और वह ऊपर गांड में लंड घुसेड़ कर मेरे ऊपर लेट गया.
तभी वह झड़ने लगा और उसका वीर्य मेरी गांड में भरने लगा.
जब वह झड़ कर मेरे ऊपर से उठा तो मैं देखा कि मेरी गांड पूरी लाल हो चुकी थी.
मुझे बेहद दर्द हो रहा था.
मैं अब बिस्तर पर सीधी लेट गई. वह मेरे जिस्म से चिपक कर लेट गया.
फिर मेरे एक दूध को प्यार से दबा कर पीने लगा.
मुझे थोड़ा सुकून मिला और मैं आंख बंद करके सोने लगी.
मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरी नींद लग गई.
कुछ देर बाद जब मुझे अपनी चूत पर कुछ रगड़ने का अहसास हुआ तो नींद खुल गई.
मैं- राहुल भैया प्लीज़ सो जाने दो न!
वह बोला- घर जाकर तो तुझे सोना ही है.
यह कहते हुए उसने एक ही झटके में पूरा लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया.
मैं बेडशीट को हाथ में पकड़ कर उसके हर एक झटके को अपने अन्दर महसूस कर रही थी.
गांड में दर्द अभी भी बहुत हो रहा था.
उसने करीब दस मिनट मुझे चित लेटा कर चोदा, फिर खुद लेट गया और मुझे अपने लंड पर बैठने का बोला.
अब मैं उसके लंड को चोद रही थी.
साथ में मेरे हिलते हुए बूब्स को वह धीरे धीरे थप्पड़ मार रहा था.
मेरा पूरा जिस्म उसके थप्पड़ों के निशान से लाल हो गया था.
जब उसका पानी आने को हुआ, तो उसने मुझे वापिस से कुतिया बना दिया और तेज तेज झटकों के साथ चूत में पूरा पानी छोड़ दिया.
मैंने टाइम देखा तो सुबह के 5 बज चुके थे.
मैं बोली- ठीक है, अब मैं अपने घर जा रही हूँ!
वह बोला- रूक जा … अभी तो एक बार और चोदना हैं तुझे रंडी!
मैं बोली- बस कर यार … वरना मैं मर जाऊंगी!
वह बोला- कुछ नहीं होगा … थोड़ी देर आराम कर ले … फिर चोदता हूं.
मैं उसकी बांहों में सर रख कर सोने की कोशिश करने लगी.
कुछ देर सोने के बाद हम दोनों साथ में बाथरूम में नहाने आ गए.
मुझे फ्रेश होना था, उसके यहां लैट्रिन बाथरूम अटैच थी.
मैंने उससे हगने का बोल दिया- तुम बाहर रुको, मैं पहले पॉटी कर लूं!
वह बोला- क्यों मेरे सामने क्या दिक्कत है!
मैं नंगी तो थी ही तो वेस्टर्न शीट पर बैठ कर पॉटी करने लगी.
वह भी मेरे सामने मुँह करके उल्टा बैठ गया और अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.
ये एक अलग अनुभव था मेरे लिए कि पॉटी करते हुए चुदना.
उसने पीछे से जो वेस्टर्न में गांड साफ करने के वॉल से पानी का प्रेशर आता है, उसको चालू कर दिया. मेरी गांड में पानी की धार चल रही थी और आगे से लंड चुत की चुम्मी ले रहा था.
मुझे इस नई तरह की चुदाई में मजा आने लगा.
बाद में उसने मुझे फव्वारे के नीचे खड़ा करके टांग उठा कर चोदा.
वह मेरी टांग उठा कर मुझे दीवार से सटा कर खूब तेज तेज झटके मारने लगा.
मैं भी दीवार से गांड रगड़ कर उसके लंड को चुत में लेने लगी.
जब उसका पानी निकलने को हुआ तो उसने मुझे बिठाया और मेरे बूब्स पर वीर्य छोड़ दिया.
वह बाहर चला गया.
मैं नहा कर तैयार हो गई और हम दोनों आशीष के रूम में आ गए.
उसने मुझसे मेरा पर्स ले लिया और बोला- अब तुम दोनों जाओ, रात को ये देने आऊंगा तुम्हारे घर!
मैंने आशीष को जगाया और हम दोनों बाइक से अपने घर के लिए निकल आए.
उस पूरी रात चुदाई के कारण मुझे बहुत दर्द और थकान हो गई थी.
आशीष को रास्ते में एक जगह गर्मागर्म समोसे और कचौरी निकलते हुए दिखे, तो बोला- चलो नाश्ता ले चलते हैं.
वह समोसे कचौरी ले कर आ गया.
हम घर आ गए तो अन्दर आकर बोला- खूब चुदी रात भर तुम!
मैं बोली- तुमको कैसे पता?
वह बोला- मेरी नींद खुली थी तुम बिस्तर पर नहीं थीं, तो समझ गया कि तुमको राहुल बजा रहा होगा.
मैंने उसको सारी बात बताई तो उसने कमरे में नंगी करके मुझे देखा और बोला- सच्ची यार, उसने तो तुझे रंडी की तरह चोदा है. पूरे शरीर पर लाल निशान हैं.
मैं बोली- हां यार!
आशीष ने मेरी गांड का छेद देख कर बोला- ये भी तो सूज गया है साली रंडी, आज तो तेरी चूत कचौरी से भी ज्यादा फूली हुई है!
मैं- हां यार!
वह मजाक करते हुए बोला- एक राउंड में भी चोद लूं क्या तुझे?
मैं बोली- ठीक है, आ जा कमीने, तू भी चोद ले!
वह बोला- नहीं तू आराम कर, मैं गर्म पानी से सिकाई कर देता हूँ.
उसने गर्म तेल से मेरी मालिश की ओर गर्म पानी से चुत गांड की सिकाई कर दी.
जिससे मुझे काफी आराम मिला और मेरी नींद लग गई.
शाम को राहुल मेरे पर्स में एक सोने के चैन रख कर पर्स वापिस करने आ गया.
मैंने आशीष को दिखाई तो आशीष बोला- छुपा कर रख ले, मम्मी ना देख लें!
दोस्तो, अब भी शादी के बाद जब मैं मामा के यहां जाती हूँ तो राहुल से जरूर चुदाई करवा लेती हूँ.
उसका लंड मुझे काफी मस्त चोद देता है.
दोस्तो, यह सेक्स कहानी अभी अपने पहले पड़ाव पर रोक रही हूँ.
इस बिग डिक ऐस्स फक स्टोरी का अगला भाग और भी मजेदार है जब मुझे राहुल और मेरे ममेरे भाई आशीष ने मुझे मिल कर चोदा.
उन दोनों के साथ मेरी थ्री-सम सेक्स कहानी को मैं अगली बार लिखूँगी.
आप अपने मेल जरूर भेजिए.
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फ्रेंड्स, मैं जाह्नवी मिश्रा आपको अपनी सेक्स कहानी के अगले भाग में एक बार फिर से स्वागत करती हूँ.
कहानी के पहले भाग
डांस-पार्टनर ने पार्टी में प्रोपोज किया
में अब तक आपने पढ़ा था कि राहुल जिसे मैं अपने भाई के जैसा समझती थी, वह मुझे चोदने के लिए नंगा हो गया था और उसका आठ इंच का मूसल लंड देख कर मेरी जान हलक में आने को थी.
अब आगे बिग डिक ऐस्स फक स्टोरी:
फिर उसने ऊपर से मेरी हेयर स्टाइल को देखा और बालों में हाथ फेरते हुए मेरी कातिल आंखों में लगा काजल चूमने लगा.
उस दौरान उसका मूसल मेरी चुत को रगड़ कर डरा रहा था.
आंखों से नीचे मेरे मुलायम रसीले होंठों पर लगी लाल लिपस्टिक को चाटने लगा.
फिर पतली गर्दन पर अपने होंठ फिराते हुए नीचे मध्यम आकार के गोल गोल सेवफल जैसे सख्त चूचों को अपने होंठों से रगड़ने लगा.
उसे मैं बिल्कुल रशियन जैसा देशी माल लग रही थी.
मेरी पतली कमर और नीचे गुलाबी चूत, पतली पतली टांगें उसकी कामुक नजरों से खाई जा रही थीं.
मैं शर्म के कारण अपने हाथ से मुँह छिपा कर खड़ी थी.
तभी वह नीचे बैठ गया और मेरे दोनों पैरों के बीच बैठ कर चूत को जीभ से कुरेदने लगा.
मैं भी गनगना उठी और उसके बालों को अपने हाथ से पकड़ कर उसका मुँह अपनी चूत में घुसवाने लगी.
उसी वक्त रूम के गेट पर किसी ने नॉक किया, तो राहुल बोला- आ जाओ अन्दर!
मैं डर गई और रूम में लगे पर्दे के पीछे छिपने लगी.
राहुल ने मेरे हाथ को पकड़ कर खींच लिया.
तभी एक लड़के जैसा उसका नौकर अपने हाथ में कुछ चिप्स नमकीन व कुछ दवाई आदि लेकर नीची गर्दन किए हुए अन्दर आया और वह सारा सामान बेड पर रख कर वापिस चला गया.
मैं उससे बोली- तुमको शर्म नहीं लगती?
वह बोला- कैसी शर्म? मैं तो अकसर रंडियां लाता हूँ और इसी रूम में चोदता हूं.
मैं बोली- अच्छा. तो तुम्हारी मासूम शक्ल के पीछे इतने राज छुपे हैं!
वह हंस कर बोला- क्यों इसमें गलत क्या है?
मैं बोली- तो मैं भी रंडी ही हूँ तेरे लिए क्या?
उसने मेरी चूत के दाने को अपने दांतों से चुभलाते हुए कहा- नहीं यार, तू तो मेरा सच्चा प्यार है. तुम पत्नी बन जाओ … उसके बाद कोई भी रंडी नहीं आएगी यहां!
मैं कुछ नहीं बोली.
वह मेरी चूत को चाटने लगा.
कुछ ही देर में मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.
वह पूरा पानी पी गया.
मैं अब दोनों टांगों को जोड़ कर खड़ी थी.
वह दोनों जांघों को जोर से पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खींच रहा था और मेरी चूत में अपने मुँह से बार बार जोर जोर से किस कर रहा था.
उसके जोर से जांघों को पकड़ने से मेरी जांघों पर उसकी उंगलियों के निशान बन गए थे, एकदम लाल लाल निशान दिखने लगे थे.
अब वह बिस्तर पर लेट गया और अपना लंड चूसने को बोला.
मैं बिस्तर पर उसकी टांगों के बीच बैठ कर लंड चूसने लगी.
मैं लंड बहुत अच्छा चूसती हूं, तो उसको बहुत अच्छा लगा.
उसने जल्दी ही मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ दिया.
मैं भी उसके लौड़े का पानी पी गई.
अब हम दोनों ठंडे हो गए थे तो उसने मुझे बिठाया और पैग बना कर पीने लगा.
मैं भी एक पैग से सिप लेने लगी.
हम दोनों शराब के साथ में नमकीन चिप्स भी खाने लगे.
वह सिगरेट सुलगाता हुआ बोला- तेरी गांड खुली है या पैक है?
मैं मस्ती से बोली- पैक है. क्यों खोलेगा क्या?
वह बोला- हां मूड तो है!
मैं कुछ नहीं बोली.
अब उसने मुझे उल्टा लिटा दिया और गांड को चाटने लगा.
उसने बहुत सारा तेल मेरी गांड में भर दिया.
मैं बोली- रहने दे यार … पीछे नहीं पेल!
वह बोला- क्यों?
मैंने कहा- यार उधर दर्द होगा.
मैंने उसको बहुत मना किया, पर उसने मेरी एक नहीं सुनी.
कुछ देर बाद उसने मेरी चूत के नीचे दो तकिया लगा दिए, जिससे गांड उभर कर ऊपर की तरफ आ गई.
अब वह अपने लंड को मेरी गांड पर सैट करने लगा.
मैंने ब्लू-फिल्मों में गांड चुदाई देखी थी तो समझती थी कि गांड को ढीला छोड़ना चाहिए तभी सही से गांड चुदाई हो सकती है.
उसने लंड मेरी गांड में लगाया तो मैंने पूरी हिम्मत करके छेद को ढीला छोड़ दिया.
उसका सुपारा मेरी गांड के पहले छल्ले में फंस गया.
मैं कुछ आवाज निकालती कि तभी उसने अपने एक हाथ मेरे मुँह को जोर से पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मेरी पीठ पर जोर लगाया ताकि मैं उठ ना सकूं.
फिर उसने एक करारा झटका देते हुए अपना पूरा 8 इंच लंबा लंड मेरी गांड में उतार दिया.
मैं दर्द के मारे अपने हाथ पैर फटकने लगी, पर उसकी ताकत के आगे मेरी कहां कुछ चलने वाली थी.
लगभग डेढ़ मिनट तक वह ऐसे ही मेरी गांड में अपना मूसल लंड डाल कर मेरे ऊपर लेटा रहा.
मैंने दर्द के चलते उसके हाथ को दांत से काट दिया और बोली- साले कुत्ते मादरचोद छोड़ दे बहन के लौड़े … कोई ऐसे बेरहमी से चोदता है क्या?
वह हंस कर बोला- बस मेरी छिनरो, थोड़ी देर और झेल ले फिर आराम पड़ जाएगा.
यह कह कर वह धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा और मेरी गांड में अपने लंड के लिए जगह बनाने लगा.
फिर मुझे भी दर्द में आराम हुआ, तो मैं बिग डिक ऐस्स फक में उसका साथ देने लगी.
उसने मेरे बालों को लगाम की तरह हाथ में पकड़ लिया और घोड़ी समझ कर जोर जोर झटकों के साथ मेरी गांड चोदने लगा.
इसी के साथ वह मेरी गांड पर जोर जोर से थप्पड़ भी मारने लगा.
मेरी तो हालत खराब होने लगी, मैं उससे रहम की भीख मांगने लगी … पर वह कुत्ता तो अपनी धुन में मस्त था.
कुछ देर तक झटके देने के बाद उसने फिर से मेरी गांड पर जोर दिया, तो मैं लेट गई और वह ऊपर गांड में लंड घुसेड़ कर मेरे ऊपर लेट गया.
तभी वह झड़ने लगा और उसका वीर्य मेरी गांड में भरने लगा.
जब वह झड़ कर मेरे ऊपर से उठा तो मैं देखा कि मेरी गांड पूरी लाल हो चुकी थी.
मुझे बेहद दर्द हो रहा था.
मैं अब बिस्तर पर सीधी लेट गई. वह मेरे जिस्म से चिपक कर लेट गया.
फिर मेरे एक दूध को प्यार से दबा कर पीने लगा.
मुझे थोड़ा सुकून मिला और मैं आंख बंद करके सोने लगी.
मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरी नींद लग गई.
कुछ देर बाद जब मुझे अपनी चूत पर कुछ रगड़ने का अहसास हुआ तो नींद खुल गई.
मैं- राहुल भैया प्लीज़ सो जाने दो न!
वह बोला- घर जाकर तो तुझे सोना ही है.
यह कहते हुए उसने एक ही झटके में पूरा लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया.
मैं बेडशीट को हाथ में पकड़ कर उसके हर एक झटके को अपने अन्दर महसूस कर रही थी.
गांड में दर्द अभी भी बहुत हो रहा था.
उसने करीब दस मिनट मुझे चित लेटा कर चोदा, फिर खुद लेट गया और मुझे अपने लंड पर बैठने का बोला.
अब मैं उसके लंड को चोद रही थी.
साथ में मेरे हिलते हुए बूब्स को वह धीरे धीरे थप्पड़ मार रहा था.
मेरा पूरा जिस्म उसके थप्पड़ों के निशान से लाल हो गया था.
जब उसका पानी आने को हुआ, तो उसने मुझे वापिस से कुतिया बना दिया और तेज तेज झटकों के साथ चूत में पूरा पानी छोड़ दिया.
मैंने टाइम देखा तो सुबह के 5 बज चुके थे.
मैं बोली- ठीक है, अब मैं अपने घर जा रही हूँ!
वह बोला- रूक जा … अभी तो एक बार और चोदना हैं तुझे रंडी!
मैं बोली- बस कर यार … वरना मैं मर जाऊंगी!
वह बोला- कुछ नहीं होगा … थोड़ी देर आराम कर ले … फिर चोदता हूं.
मैं उसकी बांहों में सर रख कर सोने की कोशिश करने लगी.
कुछ देर सोने के बाद हम दोनों साथ में बाथरूम में नहाने आ गए.
मुझे फ्रेश होना था, उसके यहां लैट्रिन बाथरूम अटैच थी.
मैंने उससे हगने का बोल दिया- तुम बाहर रुको, मैं पहले पॉटी कर लूं!
वह बोला- क्यों मेरे सामने क्या दिक्कत है!
मैं नंगी तो थी ही तो वेस्टर्न शीट पर बैठ कर पॉटी करने लगी.
वह भी मेरे सामने मुँह करके उल्टा बैठ गया और अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.
ये एक अलग अनुभव था मेरे लिए कि पॉटी करते हुए चुदना.
उसने पीछे से जो वेस्टर्न में गांड साफ करने के वॉल से पानी का प्रेशर आता है, उसको चालू कर दिया. मेरी गांड में पानी की धार चल रही थी और आगे से लंड चुत की चुम्मी ले रहा था.
मुझे इस नई तरह की चुदाई में मजा आने लगा.
बाद में उसने मुझे फव्वारे के नीचे खड़ा करके टांग उठा कर चोदा.
वह मेरी टांग उठा कर मुझे दीवार से सटा कर खूब तेज तेज झटके मारने लगा.
मैं भी दीवार से गांड रगड़ कर उसके लंड को चुत में लेने लगी.
जब उसका पानी निकलने को हुआ तो उसने मुझे बिठाया और मेरे बूब्स पर वीर्य छोड़ दिया.
वह बाहर चला गया.
मैं नहा कर तैयार हो गई और हम दोनों आशीष के रूम में आ गए.
उसने मुझसे मेरा पर्स ले लिया और बोला- अब तुम दोनों जाओ, रात को ये देने आऊंगा तुम्हारे घर!
मैंने आशीष को जगाया और हम दोनों बाइक से अपने घर के लिए निकल आए.
उस पूरी रात चुदाई के कारण मुझे बहुत दर्द और थकान हो गई थी.
आशीष को रास्ते में एक जगह गर्मागर्म समोसे और कचौरी निकलते हुए दिखे, तो बोला- चलो नाश्ता ले चलते हैं.
वह समोसे कचौरी ले कर आ गया.
हम घर आ गए तो अन्दर आकर बोला- खूब चुदी रात भर तुम!
मैं बोली- तुमको कैसे पता?
वह बोला- मेरी नींद खुली थी तुम बिस्तर पर नहीं थीं, तो समझ गया कि तुमको राहुल बजा रहा होगा.
मैंने उसको सारी बात बताई तो उसने कमरे में नंगी करके मुझे देखा और बोला- सच्ची यार, उसने तो तुझे रंडी की तरह चोदा है. पूरे शरीर पर लाल निशान हैं.
मैं बोली- हां यार!
आशीष ने मेरी गांड का छेद देख कर बोला- ये भी तो सूज गया है साली रंडी, आज तो तेरी चूत कचौरी से भी ज्यादा फूली हुई है!
मैं- हां यार!
वह मजाक करते हुए बोला- एक राउंड में भी चोद लूं क्या तुझे?
मैं बोली- ठीक है, आ जा कमीने, तू भी चोद ले!
वह बोला- नहीं तू आराम कर, मैं गर्म पानी से सिकाई कर देता हूँ.
उसने गर्म तेल से मेरी मालिश की ओर गर्म पानी से चुत गांड की सिकाई कर दी.
जिससे मुझे काफी आराम मिला और मेरी नींद लग गई.
शाम को राहुल मेरे पर्स में एक सोने के चैन रख कर पर्स वापिस करने आ गया.
मैंने आशीष को दिखाई तो आशीष बोला- छुपा कर रख ले, मम्मी ना देख लें!
दोस्तो, अब भी शादी के बाद जब मैं मामा के यहां जाती हूँ तो राहुल से जरूर चुदाई करवा लेती हूँ.
उसका लंड मुझे काफी मस्त चोद देता है.
दोस्तो, यह सेक्स कहानी अभी अपने पहले पड़ाव पर रोक रही हूँ.
इस बिग डिक ऐस्स फक स्टोरी का अगला भाग और भी मजेदार है जब मुझे राहुल और मेरे ममेरे भाई आशीष ने मुझे मिल कर चोदा.
उन दोनों के साथ मेरी थ्री-सम सेक्स कहानी को मैं अगली बार लिखूँगी.
आप अपने मेल जरूर भेजिए.